Wednesday 04 Feb 2026 10:01 AM

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आंग्ल नव वर्ष के साथ ही शनि का राशि परिवर्तन हो रहा है-- -डाॅ.देव नारायण पाठक




 नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय प्रयागराज के ज्योतिष, कर्मकाण्ड वास्तुशास्त्र एवं संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ देव नारायण पाठक ने बताया कि हम सभी  आंग्ल नव वर्ष 2023 के आने के साथ नौ ग्रहों में सबसे प्रमुख ग्रह माने जाने वाले शनि देव भी राशि परिवर्तन करने वाले हैं।

17 जनवरी 2023 के दिन शनिदेव पूरे ढाई साल बाद अपना राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। शनि 17 जनवरी को रात 08:02 मिनट पर 26 महीनों के लिये अपनी राशि मकर से निकलकर मूल त्रिकोण राशि कुम्भ में प्रवेश करेंगे और अगले ढाई वर्षों तक यानि 29 मार्च 2025 तक इस राशि में रहेंगे व बीच में समय समय पर वक्री व मार्गी होते रहेंगे।गुरु, शनि, राहु व केतु का राशि परिवर्तन नवग्रहों में सबसे विशेष एवं बड़ा माना जाता है व इन ग्रहों का एक राशि से किसी दूसरी राशि में जाना मानव जीवन को प्रभावित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।आगामी नववर्ष 2023 में शनि ग्रह का यह राशि परिवर्तन हमारे जीवन को किस तरह प्रभावित करेगा, किस राशि पर शनिदेव का आशीर्वाद बना रहेगा, किस राशि व लग्न पर शनिदेव की क्रूर दृष्टि रहेगी, किसकी मनोकामनाएँ पूरी करेगें शनि, अथवा किन-किन राशियों पर शुरू हो रही है शनि की साढ़े_साती और ढैय्या?इस प्रश्न के उत्तर में डाॅ.पाठक ने बताया कि जनवरी 2023 में शनि के कुम्भ राशि में आते ही मीन राशि पर शनि की साढ़े साती शुरू हो जाएगी और कुम्भ राशि पर साढ़े साती का दूसरा अर्थात मध्य चरण शुरू होगा व मकर राशि पर शनि की साढ़े साती का तीसरा यानि अन्तिम चरण शुरू हो जायेगा। ज्योतिषीय गणना के आधार पर उपरोक्त तीनों राशियों मकर, कुम्भ व मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव स्पष्ट रूप से बना रहेगा। इसी के साथ वर्ष 2023 में कर्क व वृश्चिक राशि पर शनि की ढैय्या भी शुरू होगी। किन राशियों को शनि की साढ़े साती व ढैय्या से मिलेगी मुक्ति मिलेगी?इस प्रश्न के उत्तर में डाॅ.पाठक ने बताया कि वर्ष 2023 में धनु राशि के जातक शनि की साढ़े साती से पूरी तरह मुक्त हो जायेंगे और मिथुन, तुला राशि के जातक भी ढैय्या से मुक्ति पाएंगे।

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