Sunday 09 Aug 2026 11:19 AM

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नाथद्वारा धाम के स्वामी श्रीनाथजी भगवान की आय का हुआ लेखा जोखा !

भगवान की आय का हुआ लेखा जोखा !




राजसमंद जिले के नाथद्वारा धाम के स्वामी श्रीनाथजी की गुल्लकों (दानपात्र) से 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि निकली है। यह चढ़ावा 7 दिन का है। 7 दिन में यह अब तक की सबसे बड़ी राशि है। दानपात्रों से निकली राशि की गिनती कल गुरुवार दोपहर 3 बजे शुरू हुई थी। जो आज शुक्रवार तक चली।


श्रीनाथजी वल्लभ सम्प्रदाय की प्रधान पीठ है। बड़ी तादाद में यहां श्रद्धालु भगवान श्रीनाथजी के दर्शन करने आते हैं। मंदिर में जगह-जगह गुल्लकें रखी हैं जिनमें श्रद्धालु व वैष्णव जन दर्शन कर भेंट राशि डालते हैं। पहली बार यह भेंट राशि 1 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर गई है। मंदिर में 30 गुल्लकें हैं, जिनमें से यह राशि निकली है।



टेम्पल बोर्ड ने शुक्रवार को सभी गुल्लकों की राशि की गिनती की। यह गिनती साप्ताहित होती है। यानी सात दिन में भगवान श्रीनाथजी की भेंट 1 करोड़ रुपए से ज्यादा रही। मंदिर मंडल नाथद्वारा के सीईओ जितेंद्र कुमार ओझा ने बताया कि श्रीनाथजी मन्दिर में वैष्णव जन गुल्लकों में भेंट राशि पधराते हैं। इन गुल्लकों की राशि को प्रशासनिक भवन पर लाया जाता है। हर सप्ताह गुरुवार को इस राशि की गिनती की जाती है।



गुरुवार को मंदिर की गुल्लकों को प्रशासनिक भवन लाया गया और सारी राशि एक जगह जुटाकर गिनती की गई। शुक्रवार को गिनती पूरी हुई। गुल्लक से निकाली गई राशि की गिनती में यह कुल 1 करोड़ 1 लाख 87 हजार रुपए है।


सीईओ जितेंद्र ओझा ने बताया कि हर सप्ताह गिनी जाने वाली गुल्लक में पहली बार एक करोड़ से अधिक की राशि निकली है। गुल्लक की राशि गिनने का काम प्रबन्धक वित्त के सुपरविजन में किया गया। जिसमें लेखाधिकारी कैलाश पुरोहित, राजस्व अधिकारी हरि सिंह राज पुरोहित, श्रीकृष्ण भण्डारी देवकी नन्दन सनाढ्य, मंडल सहायक प्रेम शंकर जोशी, वित्त विभाग से राकेश जोशी, किशन सिंह मोजावत, राजकुमार टेलर सहित कुल 60 कार्मिक शामिल थे।



एक करोड़ की यह भेंट महज 7 दिनों की है। मंदिर में हर सप्ताह 50 लाख से अधिक की भेंट आती है। गर्मी की छुटि्टयों में यह राशि 80 लाख तक पहुंची है। पहली बार यह आंकड़ा इस बार 1 करोड़ के पार गया है। हर गुरुवार को दोपहर 3 बजे गुल्लकों से राशि निकालकर गिनती शुरू की जाती है। काउंटिंग स्टाफ में 55 से 60 लोग शामिल होते हैं।



ये गुल्लकें रोज भरती जाती हैं जिन्हें भरने पर खाली कर दिया जाता है। राशि श्रीकृष्ण भंडार में जमा कर दी जाती है। आम तौर पर हर महीने करीब 3 लाख रुपए के सिक्के इकट्‌ठे होते हैं। मंदिर में भगवान की प्रतिमा के सामने 30 गुल्लक हैं। श्रद्धालु गुल्लकों में सिक्कों और रुपयों के अलावा सोने चांदी के चम्मच-कटोरी, छत्र, गले की चेन, अंगूठी, कड़े भी डालते हैं।


श्रीकृष्ण भंडार में नोट, सिक्के, सोने, चांदी और कीमती सामान अलग अलग कर दिया जाता है। मंदिर में हर महीने करीब 2 करोड़ रुपए की राशि जमा हो जाती है। इसके मंदिर में मनोरथ से 4 करोड़ रुपए तक की आय होती है। इसके अलावा श्रीनाथजी के द्वार आने वाले श्रद्धालु यहां शुभकामनाओं और शादियों के कार्ड भेजते हैं। साथ ही मनोकामनाओं की चिट्‌ठी भी लिखते हैं।



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