नंद गोपाल नंदी से मुलाकात को लेकर नागरिकों में असंतोष:PRAYAGRAJ
प्रयागराज। विधानसभा क्षेत्र के अनेक स्थानीय नागरिकों ने उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' से मुलाकात न हो पाने को लेकर असंतोष व्यक्त किया है। नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से प्रयास करने के बावजूद उन्हें अपनी समस्याएं सीधे मंत्री के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, मंत्री कार्यालय और उनके सहयोगियों से कई बार संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया गया, किंतु अपेक्षित सहयोग प्राप्त नहीं हुआ। एक अवसर पर मंत्री कार्यालय के एक सहयोगी ने फोन पर सुझाव दिया कि मुलाकात हेतु अनुरोध पत्र व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाए। साथ ही यह आश्वासन भी दिया गया कि अनुरोध प्राप्त होने के बाद उपयुक्त समय की सूचना प्रदान की जाएगी।
बताया गया है कि इस संदर्भ में एक स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध है, जिसमें बातचीत की अवधि दर्ज है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 18 जून 2026 को पहली बार संपर्क करने पर बातचीत का व्यवहार संतोषजनक नहीं रहा और शीघ्र ही कॉल समाप्त कर दी गई। दूसरी बार कॉल करने पर कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई। तीसरी बार दोपहर 3:26 बजे हुई बातचीत में अपेक्षाकृत विनम्रता दिखाई गई, किंतु अंततः यह कहकर वार्ता समाप्त कर दी गई कि आगे सूचना दी जाएगी।
नागरिकों का कहना है कि निर्देशानुसार व्हाट्सएप पर लिखित अनुरोध भेजा गया, किंतु पर्याप्त समय बीत जाने के बाद भी मुलाकात के लिए कोई समय या सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इस संबंध में भेजे गए अनुरोध का स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध होने का दावा किया गया है।
इस पूरे मामले में संपादकीय टीम द्वारा भी स्वयं फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, जिसका परिणाम उपरोक्त विवरण के अनुरूप ही पाया गया। संपादकीय स्तर पर की गई इस जांच में भी अपेक्षित प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।
जनता की बात:
"हमने कई बार प्रयास किए, किंतु मंत्री जी तक हमारी बात पहुंच नहीं पा रही है। चुनाव के समय जनप्रतिनिधि स्वयं जनता के बीच आते हैं, किंतु वर्तमान में नागरिकों को ही संपर्क के लिए प्रयासरत रहना पड़ रहा है।"
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि जनप्रतिनिधि और मतदाताओं के बीच सीधा संवाद लोकतंत्र की मूल भावना है। उनका आग्रह है कि मंत्री नियमित जनसुनवाई की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि सामान्य नागरिकों और अपने विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं को अपनी समस्याएं सीधे प्रस्तुत करने का अवसर मिल सके।
समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में मंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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